करियर प्रोफ़ाइल · SOC ESC-E04D13FE

सिलिंड्रिकल ग्राइंडर ऑपरेटर

सिलिंड्रिकल ग्राइंडर ऑपरेटर सिलिंड्रिकल ग्राइंडिंग मशीनें सेट करते और चलाते हैं। ये मशीनें घर्षण (एब्रेसिव) प्रक्रियाओं से धातु के वर्कपीस से थोड़ी-सी अतिरिक्त सामग्री हटाकर उसे चिकना करती हैं। इसके लिए हीरे के दाँतों वाले कई ग्राइंडिंग व्हील काटने वाले उपकरण के रूप में बहुत सटीक और हल्के कट लगाते हैं, जबकि वर्कपीस उनके पास से गुज़रते हुए बेलन (सिलिंडर) का आकार ले लेता है।

सिलिंड्रिकल ग्राइंडर ऑपरेटर सिलिंड्रिकल ग्राइंडर ऑपरेटर सिलिंड्रिकल ग्राइंडिंग मशीनें सेट करते और चलाते हैं। ये मशीनें घर्षण (एब्रेसिव) प्रक्रियाओं से धातु के वर्कपीस से थोड़ी-सी अतिरिक्त सामग्री हटाकर उसे चिकना करती हैं। इसके लिए हीरे के दाँतों वाले कई ग्राइंडिंग व्हील काटने वाले उपकरण . इस भूमिका का AI एक्सपोज़र मध्यम है (0-1 स्केल पर 0.50) — कुछ काम ऑटोमेट हो रहे हैं, पर भूमिका ख़ुद को ढाल रही है। इस भूमिका के लिए सबसे ज़्यादा माँग वाले कौशल हैं: गुणवत्ता और साइकिल टाइम का अनुकूलन, सिलिंड्रिकल ग्राइंडर के पुर्ज़े, धातुओं के प्रकार, गुणवत्ता मानक, गेज की निगरानी।

AI एक्सपोज़र
5.0/10
ऑटोमेशन जोखिम

यूके में वेतन

यूके: धातु बनाने और उपचार के प्रोसेस ऑपरेटिव के लिए मीडियन वेतन £32,871 प्रति वर्ष (ONS ASHE 2025, पूर्णकालिक)

यूके में नौकरियों का वर्गीकरण अलग है; यह सबसे नज़दीकी यूके व्यवसाय समूह है (ONS SOC 2020 8115)। ONS इस अनुमान को काफ़ी हद तक सटीक मानता है। 2025 के अनंतिम आँकड़े; ONS इन्हें एक साल बाद संशोधित करता है। स्रोत: ONS का वार्षिक घंटे और कमाई सर्वेक्षण (ASHE), ओपन गवर्नमेंट लाइसेंस के तहत

भारत में वेतन (व्यवसाय समूह)

भारत में “संयंत्र और मशीन संचालक तथा असेंबलर” व्यवसाय समूह के वेतनभोगी कर्मचारियों की औसत मासिक कमाई, भारत सरकार के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS, जनवरी–दिसंबर 2025) से। यह इस समूह के सभी लोगों का औसत है, सिर्फ़ सिलिंड्रिकल ग्राइंडर ऑपरेटर का नहीं, और यह रुपये में बदला गया अमेरिकी वेतन नहीं है।

शहरी भारत
₹18,618 प्रति माह
ग्रामीण भारत
₹16,257 प्रति माह
पूरा भारत
₹17,301 प्रति माह

स्रोत: MoSPI (भारत सरकार), आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) वार्षिक रिपोर्ट 2025, तालिका 51 — नियमित वेतनभोगी कर्मचारियों की औसत वेतन कमाई, NCO-2015 डिवीज़न 8। सरकारी आँकड़े हर व्यवसाय समूह का एक ही औसत देते हैं: किसी एक करियर, अनुभव के स्तर या शहर के लिए भारत के सरकारी आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं। रिपोर्ट पढ़ें

टॉप स्किल्स

गुणवत्ता और साइकिल टाइम का अनुकूलन सिलिंड्रिकल ग्राइंडर के पुर्ज़े धातुओं के प्रकार गुणवत्ता मानक गेज की निगरानी अनुपयुक्त वर्कपीस हटाना धातु की खामियाँ पहचानना प्रोसेस्ड वर्कपीस निकालना मशीन में चलते वर्कपीस की निगरानी कटाई के अपशिष्ट का निपटान

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सिलिंड्रिकल ग्राइंडर ऑपरेटर क्या काम करते हैं?

सिलिंड्रिकल ग्राइंडर ऑपरेटर सिलिंड्रिकल ग्राइंडिंग मशीनें सेट करते और चलाते हैं। ये मशीनें घर्षण (एब्रेसिव) प्रक्रियाओं से धातु के वर्कपीस से थोड़ी-सी अतिरिक्त सामग्री हटाकर उसे चिकना करती हैं। इसके लिए हीरे के दाँतों वाले कई ग्राइंडिंग व्हील काटने वाले उपकरण के रूप में बहुत सटीक और हल्के कट लगाते हैं, जबकि वर्कपीस उनके पास से गुज़रते हुए बेलन (सिलिंडर) का आकार ले लेता है।

सिलिंड्रिकल ग्राइंडर ऑपरेटर के लिए कौन-से कौशल ज़रूरी हैं?

इस भूमिका के लिए सबसे ज़्यादा माँग वाले कौशल हैं: गुणवत्ता और साइकिल टाइम का अनुकूलन, सिलिंड्रिकल ग्राइंडर के पुर्ज़े, धातुओं के प्रकार, गुणवत्ता मानक, गेज की निगरानी, अनुपयुक्त वर्कपीस हटाना। O*NET के अनुसार अच्छे प्रदर्शन के लिए यही कौशल सबसे अहम हैं।

क्या AI सिलिंड्रिकल ग्राइंडर ऑपरेटर की जगह ले लेगा?

हमारा AI-टिकाऊपन मॉडल सिलिंड्रिकल ग्राइंडर ऑपरेटर को 0-1 स्केल पर 0.50 का स्कोर देता है (ज़्यादा = ज़्यादा एक्सपोज़र)। यानी AI एक्सपोज़र मध्यम है — कुछ काम ऑटोमेट हो रहे हैं, पर भूमिका ख़ुद को ढाल रही है। आगे का रास्ता है AI टूल्स के ख़िलाफ़ नहीं, उनके साथ काम करना सीखना।

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