करियर प्रोफ़ाइल · SOC ESC-AA8F351E

प्रॉप मेकर

प्रॉप मेकर मंच पर और फ़िल्मों या टेलीविज़न कार्यक्रमों की शूटिंग में इस्तेमाल होने वाले प्रॉप्स बनाते, तैयार करते, उनमें बदलाव करते और उनका रखरखाव करते हैं। प्रॉप्स असली वस्तुओं की साधारण नक़ल हो सकते हैं, या उनमें इलेक्ट्रॉनिक, आतिशबाज़ी या अन्य इफ़ेक्ट्स भी हो सकते हैं। उनका काम कलात्मक दृष्टि, स्केच और योजनाओं पर आधारित होता है। वे प्रोडक्शन से जुड़े डिज़ाइनरों के साथ मिलकर काम करते हैं।

प्रॉप मेकर प्रॉप मेकर मंच पर और फ़िल्मों या टेलीविज़न कार्यक्रमों की शूटिंग में इस्तेमाल होने वाले प्रॉप्स बनाते, तैयार करते, उनमें बदलाव करते और उनका रखरखाव करते हैं। प्रॉप्स असली वस्तुओं की साधारण नक़ल हो सकते हैं, या उनमें इलेक्ट्रॉनिक, आतिशबाज़ी या अन्य इफ़ेक्ट्स भी . इस भूमिका का AI एक्सपोज़र मध्यम है (0-1 स्केल पर 0.50) — कुछ काम ऑटोमेट हो रहे हैं, पर भूमिका ख़ुद को ढाल रही है। इस भूमिका के लिए सबसे ज़्यादा माँग वाले कौशल हैं: एर्गोनॉमिक तरीके से काम करना, कलात्मक अवधारणाओं को समझना, कार्य समय-सारणी का पालन, प्रॉप्स में बदलाव करना, प्रॉप्स में उपकरण लगाना।

AI एक्सपोज़र
5.0/10
ऑटोमेशन जोखिम

यूके में वेतन

यूके: कला अधिकारी, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के लिए मीडियन वेतन £45,534 प्रति वर्ष (ONS ASHE 2025, पूर्णकालिक)

यूके में नौकरियों का वर्गीकरण अलग है; यह सबसे नज़दीकी यूके व्यवसाय समूह है (ONS SOC 2020 3416)। ONS इस अनुमान को काफ़ी हद तक सटीक मानता है। 2025 के अनंतिम आँकड़े; ONS इन्हें एक साल बाद संशोधित करता है। स्रोत: ONS का वार्षिक घंटे और कमाई सर्वेक्षण (ASHE), ओपन गवर्नमेंट लाइसेंस के तहत

भारत में वेतन (व्यवसाय समूह)

भारत में “तकनीशियन और सहयोगी पेशेवर” व्यवसाय समूह के वेतनभोगी कर्मचारियों की औसत मासिक कमाई, भारत सरकार के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS, जनवरी–दिसंबर 2025) से। यह इस समूह के सभी लोगों का औसत है, सिर्फ़ प्रॉप मेकर का नहीं, और यह रुपये में बदला गया अमेरिकी वेतन नहीं है।

शहरी भारत
₹31,909 प्रति माह
ग्रामीण भारत
₹18,966 प्रति माह
पूरा भारत
₹26,175 प्रति माह

स्रोत: MoSPI (भारत सरकार), आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) वार्षिक रिपोर्ट 2025, तालिका 51 — नियमित वेतनभोगी कर्मचारियों की औसत वेतन कमाई, NCO-2015 डिवीज़न 3। सरकारी आँकड़े हर व्यवसाय समूह का एक ही औसत देते हैं: किसी एक करियर, अनुभव के स्तर या शहर के लिए भारत के सरकारी आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं। रिपोर्ट पढ़ें

टॉप स्किल्स

एर्गोनॉमिक तरीके से काम करना कलात्मक अवधारणाओं को समझना कार्य समय-सारणी का पालन प्रॉप्स में बदलाव करना प्रॉप्स में उपकरण लगाना प्रॉप इफ़ेक्ट्स विकसित करना मशीनों के साथ सुरक्षित रूप से काम व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) का उपयोग कलाकारों की रचनात्मक माँगों के अनुसार ढलना प्रदर्शन स्थल पर आग से बचाव

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रॉप मेकर क्या काम करते हैं?

प्रॉप मेकर मंच पर और फ़िल्मों या टेलीविज़न कार्यक्रमों की शूटिंग में इस्तेमाल होने वाले प्रॉप्स बनाते, तैयार करते, उनमें बदलाव करते और उनका रखरखाव करते हैं। प्रॉप्स असली वस्तुओं की साधारण नक़ल हो सकते हैं, या उनमें इलेक्ट्रॉनिक, आतिशबाज़ी या अन्य इफ़ेक्ट्स भी हो सकते हैं। उनका काम कलात्मक दृष्टि, स्केच और योजनाओं पर आधारित होता है। वे प्रोडक्शन से जुड़े डिज़ाइनरों के साथ मिलकर काम करते हैं।

प्रॉप मेकर के लिए कौन-से कौशल ज़रूरी हैं?

इस भूमिका के लिए सबसे ज़्यादा माँग वाले कौशल हैं: एर्गोनॉमिक तरीके से काम करना, कलात्मक अवधारणाओं को समझना, कार्य समय-सारणी का पालन, प्रॉप्स में बदलाव करना, प्रॉप्स में उपकरण लगाना, प्रॉप इफ़ेक्ट्स विकसित करना। O*NET के अनुसार अच्छे प्रदर्शन के लिए यही कौशल सबसे अहम हैं।

क्या AI प्रॉप मेकर की जगह ले लेगा?

हमारा AI-टिकाऊपन मॉडल प्रॉप मेकर को 0-1 स्केल पर 0.50 का स्कोर देता है (ज़्यादा = ज़्यादा एक्सपोज़र)। यानी AI एक्सपोज़र मध्यम है — कुछ काम ऑटोमेट हो रहे हैं, पर भूमिका ख़ुद को ढाल रही है। आगे का रास्ता है AI टूल्स के ख़िलाफ़ नहीं, उनके साथ काम करना सीखना।

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